Rohit Sharma ने रचा इतिहास, भारत ने पहली बार वनडे सीरीज में वेस्टइंडीज का क्लीन स्विप किया
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Rohit Sharma ने रचा इतिहास, भारत ने पहली बार वनडे सीरीज में वेस्टइंडीज का क्लीन स्विप किया

Rohit Sharma ने रचा इतिहास

Rohit Sharma ने रचा इतिहास, भारत ने पहली बार वनडे सीरीज में वेस्टइंडीज का क्लीन स्विप किया

भारतीय क्रिकेट टीम (Indian Cricket Team) ने शानदार अंदाज में वेस्टइंडीज (West Indies) के खिलाफ वनडे सीरीज में जीत दर्ज कर ली. दूसरे वनडे में ही सीरीज पर कब्जा करने वाली भारतीय टीम ने शुक्रवार 11 फरवरी को सीरीज के आखिरी वनडे में भी वेस्टइंडीज को 96 रन से हरा दिया और रोहित शर्मा (Rohit Sharma) की कप्तानी में पहली ही सीरीज में 3-0 से क्लीन स्वीप कर दिया. ये पहला मौका है जब भारत ने किसी वनडे सीरीज में वेस्टइंडीज का सूपड़ा साफ किया है. वेस्टइंडीज को लगातार 11वीं वनडे सीरीज में मात देने में टीम इंडिया के लिए कई खिलाड़ियों का योगदान रहा, जिसमें ज्यादातर नए खिलाड़ी शामिल रहे. फिर चाहे वह तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा हों या मिडिल ऑर्डर में सूर्यकुमार यादव और श्रेयस अय्यर.

सीरीज के आखिरी मैच में भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी की, लेकिन रोहित शर्मा, शिखर धवन और विराट कोहली जैसे दिग्गजों वाला टॉप ऑर्डर फेल रहा. फिर ऋषभ पंत और श्रेयस अय्यर ने पारी को संभाला और आखिर में निचले क्रम में दीपक चाहर और वॉशिंगटन सुंदर ने भी उपयोगी योगदान देकर टीम को 265 रनों तक पहुंचाया. इसके जवाब में दीपक चाहर, मोहम्मद सिराज और प्रसिद्ध कृष्णा ने शुरुआती ओवरों में ही वेस्टइंडीज की पारी को पस्त कर दिया. आखिर में अलजारी जोसेफ और ओडियन स्मिथ ने कुछ बड़े शॉट लगाए, लेकिन विंडीज टीम सिर्फ 169 रन बना सकी. तीसरे और आखिरी मैच में भारत की जीत के कारणों पर एक नजर

भारतीय टीम के टॉप ऑर्डर ने इस सीरीज में अच्छा प्रदर्शन नहीं किया और तीसरे मैच में भी यही स्थिति नजर आई और ऐसे में मिडिल ऑर्डर ने टीम को संभाला. टीम में लौटे श्रेयस अय्यर ने इस मौके का बखूबी फायदा उठाया और ऋषभ पंत के साथ मिलकर टीम को बेहतर स्थिति में पहुंचाया. दोनों बल्लेबाजों ने अर्धशतक लगाए. अय्यर ने 80, जबकि पंत ने 56 रन बनाए.

भारत के लिए इस पारी में दो अहम साझेदारियां हुई, जिनके दम पर टीम इंडिया ने वेस्टइंडीज को हावी होने का मौका नहीं दिया. पंत और अय्यर के बीच चौथे विकेट के लिए 110 रनों की साझेदारी हुई. फिर बीच में गिरे 3 विकेटों के बाद चाहर और सुंदर के बीच भी 7वें विकेट के लिए 53 रनों की पार्टनरशिप हुई, जिससे एक सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचना संभव हो पाया.

भारतीय टीम पिछले कुछ महीनों में शुरुआती ओवरों में विकेट लेने में नाकाम रही थी, लेकिन इस बार वो कमजोरी दूर होती दिखी. दीपक चाहर और मोहम्मद सिराज की जोड़ी ने पहले 5 ओवरों में ही 3 विकेट हासिल कर लिए थे. फिर प्रसिद्ध कृष्णा ने आकर मिडिल ऑर्डर को ध्वस्त कर दिया. उनका साथ दिया स्पिनर कुलदीप यादव ने जो सीरीज में पहला मैच खेल रहे थे. प्रसिद्ध और सिराज ने सबसे ज्यादा 3-3 विकेट लिए, जबकि चाहर और कुलदीप को 2-2 विकेट मिले.

हर मैच की तरह एक बार फिर वेस्टइंडीज के बल्लेबाज बिल्कुल नाकाम रहे. टीम के बल्लेबाजों को क्रीज पर वक्त बिताने में परेशानी हुई. इसमें भारत की बेहतरीन गेंदबाजी का योगदान तो था ही, लेकिन टीम के बल्लेबाज भी खराब शॉट लगाते दिखे और साझेदारी बनाने की कोशिश नहीं हुई. टीम के लिए 3 साझेदारियां 40 या उससे ज्यादा रन की हुईं, लेकिन उन्हें आगे नहीं बढ़ा सके.